महाराष्ट्र विधानसभा में मानसून सत्र का आज पांचवां दिन है। सत्र की शुरुआत सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच हंगामे से हुई। उद्धव गुट और शिंदे गुट के विधायक आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों ने एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की भी की। विधानसभा की सीढ़ियों पर विपक्ष ने सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ नारे लगाए।
इस दौरान दोनों पक्षों के विधायकों के बीच कथित हाथापाई और गाली-गलौज की भी खबरें आ रही हैं। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक और महा विकास अघाड़ी के विधायक राज्य विधानसभा के बाहर बहस करते नजर आ रहे हैं।
उद्धव गुट के विधायकों ने शिंदे गुट के लिए ’50 खोके… एकदम ओके’ का नारा लगाया। इस नारे की आड़ में शिंदे गुट पर 50 करोड़ लेकर बिक जाने का आरोप लगाया गया। महंगाई और किसानों के मुद्दे उठाने और सरकार से जवाब मांगने के लिए NCP विधायक गाजर लेकर पहुंचे। गाजर को लेकर भी दोनों गुटों के बीच छीनाझपटी शुरू हो गई। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने आगे आकर विधायकों को शांत कराया।
जब एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस के विपक्षी विधायक पिछले दो दिनों की तरह ही आज भी नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन की प्लानिंग के साथ सीढ़ियों के पास पहुंचे तो उन्होंने सत्ताधारियों को वहां अपने खिलाफ पहले से ही नारेबाजी करते हुए पाया। इसके बाद एनसीपी की ओर से नारेबाजी की जाने लगी, ‘गाजर दिखाना बंद करो, बाढ़ग्रस्त किसानों की मदद करो’…इस तरह दोनों ही तरफ से नारेबाजियां गाली गलौच में तब्दील हो गई। बाद में यह बढ़ गई और धक्का-मुक्की होने लगी।
महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर धक्का-मुक्की के बाद विधायक अमोल मिटकरी ने कहा कि हम विधान भवन की सीढ़ियों पर धरना दे रहे थे। कल महाविकास अघाड़ी की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई थी कि किसानों का मुद्दा महत्वपूर्ण है, इसलिए हम उनके लिए प्रदर्शन करेंगे। इसी के तहत हम सभी सुबह साढ़े दस बजे सीढ़ियों पर इकट्ठा हो रहे थे। लेकिन सत्ताधारी पकद के विधायक हमसे पहले वहां पहुंच गए और विरोध करने लगे। मिटकरी ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों ने हमें धक्का दिया, मां-बहन की गालियां दीं।
एनसीपी नेता मिटकरी ने कहा “हमारी 50 खोके (करोड़) एकदम ओके स्लोगन उनको चुभ रही है। हमारा आंदोलन शांति से शुरू हुआ। यह घटना राज्य के लिए अशोभनीय है। शिंदे गुट के शिंदे नाम के विधायक ने धक्का-मुक्की की, पत्रकारों से भी बदतमीजी की। उसके बाद अजितदाद (एनसीपी नेता व नेता प्रतिपक्ष अजित पवार) ने समझाया और मुख्यमंत्री से मिलने ले गए। उन्होंने इसकी शुरूआत की।“
विपक्षी खेमे के विधायक अमोल मिटकरी ने आगे कहा “हम लोग संस्कृति की रक्षा करते हैं और पवार साहब के विचारों का पालन करते हैं। इस घटना के बाद हमने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की और अपना विरोध दर्ज कराया। हम विपक्षी दल हैं, जवाब जरूर मांगेंगे।“












