मुंबई : (दिनांक 3 सितम्बर) कुर्ला रेलवे स्टेशन परिसर पर ऑटोरिक्शाओं का कब्ज़ा होने से यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सुबह-शाम के व्यस्त समय में हज़ारों यात्री रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते हैं; लेकिन बाहर आते ही उन्हें रिक्शाओं की कतारें घेर लेती हैं। रिक्शाचालक यात्रियों का रास्ता रोककर खड़े हो जाते हैं, जिससे यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को मानसिक कष्ट उठाना पड़ता है।

यातायात विभाग ने स्टेशन परिसर में ट्रैफिक सुचारु रखने के लिए कुछ स्थानों पर रिक्शाओं के प्रवेश पर रोक लगाई है। लेकिन यह पाबंदी ज़मीनी स्तर पर बिल्कुल भी लागू नहीं हो रही है। रिक्शाचालक सीधे रेलवे स्टेशन के गेट पर ही रुकते हैं, जिसके कारण पैदल चलने वालों का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है।
यात्रियों का पक्का आरोप है कि यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई तो करता है, लेकिन वह सिर्फ़ औपचारिक ही साबित होती है।
हर दिन यात्रा करने वाले हज़ारों नौकरीपेशा लोगों को इस स्थिति का खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है। स्टेशन परिसर में ट्रैफिक जाम और रिक्शाचालकों की मनमानी के कारण यात्रियों की सहनशक्ति का अंत हो रहा है। स्थानीय मनसे पदाधिकारी भरत धाकतोड़े ने तत्काल सख़्त कार्रवाई कर स्टेशन परिसर को रिक्शामुक्त करने की माँग की है।











