में मारे गए छात्र नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौड़ा (Naveen Shekharappa Gyanagowda) का परिवार जहां उसके पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहा है, वहीं कर्नाटक बीजेपी के एक विधायक (Karnataka BJP MLA) ने एक शर्मनाक और विवादित बयान दिया है. विधायक ने कहा है कि “एक डेड बॉडी फ्लाइट में अधिक जगह घेरती है.” बीजेपी के विधायक ने कहा कि किसी विमान में एक ताबूत को रखने की बजाय लगभग आठ से 10 लोगों को बैठाया जा सकता है.
कर्नाटक के हुबली-धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले बीजेपी विधायक अरविंद बेलाड ने कहा कि विमान में एक ताबूत के बजाय, लगभग आठ से 10 लोगों को बैठाया जा सकता है. वह इस अनिश्चितता पर सवालों का जवाब दे रहे थे कि नवीन के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर हावेरी में कब लाया जाएगा?
बेलाड ने संवाददाताओं से कहा, “सरकार नवीन के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए प्रयास कर रही है. यूक्रेन एक युद्ध क्षेत्र है और हर कोई इसके बारे में जानता है, प्रयास किए जा रहे हैं और यदि संभव हुआ तो शव को वापस लाया जाएगा.”
बीजेपी नेता ने कहा, “जब जीवित लोगों को वापस लाना चुनौतीपूर्ण है, तब मृतक को वापस लाना तो और भी कठिन हो गया है क्योंकि एक लाश फ्लाइट में अधिक जगह घेरेगी. उसकी जगह 8 से 10 लोगों को फ्लाइट में समायोजित किया जा सकता है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवीन के पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं.
जबकि नवीन के पिता शेखरप्पा ज्ञानगौड़ा ने मीडिया से कहा था कि उन्हें सरकार ने आश्वासन दिया था कि नवीन का शव दो दिनों के भीतर घर वापस लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई दोनों से अपने बेटे के शव को घर लाने में मदद करने का अनुरोध किया था.
गौरतलब है कि 21 वर्षीय नवीन, खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा था. वह खाना खरीदने के लिए एक किराने की दुकान के बाहर कतार में लगा था, उसी समय वह एक सरकारी भवन पर हुई रूसी गोलाबारी में मारा गया. उसके रूममेट के अनुसार वह अन्य छात्रों के साथ एक बंकर में रह रहा था. मंगलवार को यूक्रेन की सीमा पर जाने के लिए ट्रेन पकड़ने से पहले नवीन भोजन का स्टॉक करने के लिए बाहर निकला था.













