भोपाल, 1 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में बजट पेश किया गया। इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार का यह आखिरी बजट था। लेकिन विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस के विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
तेल कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 350 रुपये का इजाफा किया गया है। इसे लेकर बजट भाषण से पहले विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने गैस सिलेंडर के साथ विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा किया।
बजट सत्र से पहले कांग्रेस के विधायक विधानसभा में गैस सिलेंडर लेकर पहुंचे और दाम बढ़ने का विरोध करते हुए नारेबाजी भी की गई। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस विधायक रसोई गैस सिलेंडर पर वैट कम करने की मांग की। सदन की कार्यवाही हंगामे के बीच शुरू हुई।
वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान विपक्ष का भारी हंगामा भी देखने को मिला। सदन में जय श्री महाकाल के नारे लगाए गए। हंगामे के बीच वित्त मंत्री का भाषण जारी रहा। गैस की बढ़ी हुई कीमत को लेकर कमलनाथ ने कहा कि हमने मांग की थी कि सिलेंडर पर पैसे नहीं बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री आश्वासन दें, लेकिन उन्होंने आश्वासन नहीं दिया। इसलिए हमने सदन से वॉकआउट किया।
नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह का आरोप कि सरकार घरेलू गैस सिलेंडर पर बढ़ाए दाम वापस लें। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी बोले कि एक हजार रुपये देकर सरकार महिलाओं से दो हजार ले रही है। राजस्थान सरकार कि तरह 500 रुपये सब्सिडी दे सरकार। इधर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि लाड़ली बहना पर एक और वार, दूध के भाव में तीन रुपये की बढ़ोतरी, दुग्ध संघ का ऐलान. शिवराज जी, दिया कुछ नहीं, वसूली चालू? लाड़ली बहना, सावधान रहना, जालसाज़ी है बीजेपी का गहना।
बता दें कि तेल कंपनी ने बधुवार को गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये इजाफे का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद अब राजधानी भोपाल में 1108.50 रुपये प्रति सिलेंडर मिलेगा। इससे पहले भोपाल में गैस सिलेंडर की कीमत 1,058.50 रुपये थी।













