मुंबई में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चर्चगेट रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित आयकर विभाग के कार्यालय की इमारत में अचानक भीषण आग लग गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर भड़की, जिसके बाद देखते ही देखते परिसर और आसपास के इलाके में घना धुआं फैल गया.

घटना के समय कार्यालय में कई कर्मचारी मौजूद थे, जिससे बचाव अभियान को लेकर स्थिति गंभीर हो गई. आग की सूचना मिलते ही मुंबई दमकल विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची. उपलब्ध शुरुआती जानकारी के अनुसार आठ दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया और आग पर काबू पाने के साथ-साथ इमारत के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया गया.
बताया जा रहा है कि आग सबसे पहले आयकर विभाग की इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर दिखाई दी. आग की लपटों के साथ बड़ी मात्रा में धुआं निकलने लगा. कुछ ही देर में धुआं इमारत के ऊपरी हिस्सों तक पहुंच गया, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारियों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया. ऊंची इमारतों में आग लगने की स्थिति में धुआं अक्सर आग की लपटों से भी बड़ी चुनौती बन जाता है. धुआं सीढ़ियों और गलियारों में भरने पर लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और घबराहट की स्थिति पैदा हो सकती है. इसी वजह से दमकलकर्मियों ने अंदर मौजूद लोगों को स्थिति के अनुसार सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए.
घटना के दौरान इमारत में मौजूद कुछ कर्मचारियों के अंदर फंसे होने की सूचना सामने आई. दमकल विभाग ने वहां मौजूद लोगों को टेरेस यानी छत की ओर जाने की सलाह दी, ताकि वे धुएं और आग से अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थान पर रह सकें और बचाव दल उन्हें आसानी से निकाल सके.
दमकल विभाग के लिए ऐसे मामलों में सबसे पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना होती है. आग के स्रोत तक पहुंचने के साथ-साथ इमारत के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोगों की स्थिति का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण होता है.
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कम से कम दो कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका था, जबकि अन्य लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी था. हालांकि, आग की अंतिम स्थिति, कुल कितने लोग इमारत के अंदर थे और कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया, इसकी पूरी आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.












