मुंबई, 11 सितंबर । नेपाल में महाराष्ट्र के 150 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हें। उन्हें वापस लाने के प्रयास राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ की ओर जारी हैं। इनमें सर्वाधिक पर्यटक ठाणे जिले के 65 पर्यटक हैं और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इनमें से कई पर्यटकों से बात की है।

राज्य सरकार भारतीय दूतावास से बातचीत कर नेपाल में फंसे पर्यटकों राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. भालचंद्र चव्हाण ने गुरुवार को मंत्रालय में पत्रकारों को बताया कि राज्य सरकार नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों के लगातार संपर्क में है। सभी सुरक्षित हैं। नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। पुणे में फंसे वरिष्ठ नागरिकों ने अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया है और भारत सरकार से तत्काल सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने बताया कि नेपाल में फंसे 150 पर्यटकों में से 65 पर्यटक ठाणे जिले के हैं। इसके अलावा, पुणे जिले के 5, मुंबई के 6, अकोला के 10, यवतमाल का 1 , लातूर के 2 पर्यटक , नासिक शहर के 4 पर्यटक और कलवन के कुछ पर्यटक भी नेपाल में फंसे हुए हैं। इसके अलावा, पुणे और मुंबई के 23 वरिष्ठ नागरिकों का एक समूह भी नेपाल में फंसा हुआ है। नेपाल में फंसे लोगों में 12 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री भी शामिल हैं। ये तीर्थयात्री चीन सीमा के पास कुरंग प्रांत में फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास ने सभी पर्यटकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अपने होटलों से बाहर न निकलने की अपील की है। साथ ही उन्हें स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का भी निर्देश दिया है। राज्य के पर्यटक 6 टूर ऑपरेटरों के माध्यम से नेपाल घूमने गए थे। वहाँ पैदा हुए हिंसक हालात के कारण कई पर्यटक डरे हुए हैं । दूसरी ओर, बीड जिले में नेपाल में फंसे 11 पर्यटक बस से उत्तर प्रदेश सुरक्षित पहुँच गए हैं। फि़लहाल, शुक्रवार तक नेपाल में उड़ान सेवाएँ बहाल होने की संभावना है, जिसके बाद पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास शुरू होंगे।
उल्लेखनीय है कि भारत के पड़ोसी देश नेपाल में जारी राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण राज्य के 150 से ज़्यादा पर्यटक विभिन्न होटलों में फंस गए हैं। इन फंसे हुए पर्यटकों में ठाणे, पुणे, मुंबई, नासिक, अकोला, यवतमाल, लातूर और कोल्हापुर जिलों के नागरिक शामिल हैं। अब राज्य आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ ने इस संबंध में पर्यटकों के आंकड़े जारी किए हैं।












