मुंबई, 19 अगस्त । भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों के लिए राज्य के पांच जिलों, मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट और रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, गढ़चिरौली जिलों और कोल्हापुर घाट क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के बाद संबंधित जिला प्रशासनों को आपात स्थिति में और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा (आईएनसीओआईएस) ने मुंबई शहर, मुंबई उपनगरों, ठाणे, रायगढ़, पालघर, रत्नागिरी जिलों के लिए आज से 21 अगस्त की सुबह 5.30 बजे तक और सिंधुदुर्ग जिले के लिए आज से 21 अगस्त की सुबह 5.30 बजे तक ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की है। साथ ही 20 अगस्त की सुबह 11.30 बजे तक 3.3 से 3.8 मीटर ऊंची लहरों की चेतावनी जारी की गई है। इस चेतावनी के बाद प्रशासन की ओर से मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे ऊंची लहरों की चेतावनी अवधि के दौरान समुद्र में न जाएं, क्योंकि समुद्र की स्थिति अशांत है और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। सभी जिला प्रशासनों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समुद्री कटाव और ऊंची लहरें तट से टकराने की आशंका है।
महाराष्ट्र राज्य आपातकालीन विभाग ने बताया कि रत्नागिरी जिले में जगबुडी, शास्त्री, कोडावली नदी, रायगढ़ जिले में कुंडलिका नदी, सिंधुदुर्ग जिले में गड नदी, वाघोटन नदी चेतावनी स्तर को पार कर गई हैं और नागरिकों को जिला प्रशासन के माध्यम से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नांदेड़ जिले में लेंडी नदी में आई बाढ़ में फंसे 293 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। जिले में सेना , एनडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य कर रही है। इसके साथ ही मुंबई में आज सुबह से ही मीठी नदी में बाढ़ आ जाने से सर्वत्र जलभराव हो गया था, लेकिन शाम तक स्थिति सामान्य हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, एक केंद्रीय संगठन के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए आगे के मौसम पूर्वानुमान की जानकारी सभी जिलों तक पहुंचाई जा रही है।
सचेत प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, लघु संदेश सेवा (एसएमएस) के माध्यम से 34 करोड़ नागरिकों को 20 मौसम पूर्वानुमान चेतावनी संदेश भेजे गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने यह भी बताया है कि मुंबई में 24 अलग-अलग जगहों पर पानी जमा हो गया है और पानी निकालने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।












