मुंबई, मानखुर्द | 27 जुलाई 2025:
इस सप्ताह का आरोग्य शिविर विशेष रूप से एक असाधारण और करुणामयी अनुभव बन गया, जब मनराज प्रतिष्ठान ने शिवसेना महाराष्ट्र राज्य डॉक्टर सेल के सहयोग से 414वां नि:शुल्क महाआरोग्य शिबिर आयोजित किया। यह शिविर “भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम दिव्यांग बालगृह” (Children’s Aid Society, मानखुर्द, मुंबई) में संपन्न हुआ, जिसका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना था।
🎉 उद्घाटन और गरिमामयी उपस्थिति:
शिविर का उद्घाटन शिवसेना की माननीय विधायक श्रीमती मनीषा कांयदे, शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एन.सी., मनराज प्रतिष्ठान के ट्रस्टी श्री मनोज राजन नथानी, और शिवसेना महाराष्ट्र डॉक्टर सेल की अध्यक्ष व एमडी होम्योपैथी डॉ. वैशाली अशोक भिडे द्वारा किया गया।
🩺 शिविर की प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएं:
कोलेस्ट्रॉल जांच
दंत जांच
थायरॉइड जांच
अस्थमा व श्वसन जांच
डायबिटीज़ जांच
ECG
नेत्र जांच
रक्त परीक्षण
स्त्रीरोग विशेषज्ञ की निःशुल्क सलाह
होम्योपैथी परामर्श और दवाएं
👉 कुल 274 दिव्यांग बच्चों व स्टाफ की जांच की गई और नि:शुल्क दवाएं वितरित की गईं।
इस शिविर में एलोपैथी और होम्योपैथी दोनों पद्धतियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सेवाएं दीं।
🗣️ प्रेरक संदेश:
आमदार मनीषा कांयदे (शिवसेना):
“आज का दिन केवल आरोग्य शिविर नहीं, बल्कि समाज के उन नायकों को सम्मान देने का है जिन्हें अक्सर हम नज़रअंदाज़ करते हैं — हमारे दिव्यांग बालक। इस शिविर ने दिखा दिया कि शिवसेना केवल राजनीति नहीं, बल्कि सेवा का नाम है।”
शायना एन सी (शिवसेना प्रवक्ता):
“दिव्यांग बच्चों की आँखों में जो चमक और मुस्कान हमने आज देखी, वह अमूल्य थी। आज यह आयोजन बता रहा है कि ‘सेवा ही शिवसेना का असली चेहरा’ है।”
श्री मनोज राजन नाथानी (ट्रस्टी, मनराज प्रतिष्ठान):
“हमने 400 से अधिक आरोग्य शिविरों का अनुभव लिया है, पर यह 414वां शिविर हमारे लिए अत्यंत विशेष है। ये बच्चे न सिर्फ हमारे भविष्य हैं, बल्कि हमारी ज़िम्मेदारी भी हैं। उनकी सेवा करना ही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है।”
🙌 भविष्य की योजना:
डॉ. वैशाली अशोक भिडे (अध्यक्ष, शिवसेना डॉक्टर सेल) ने बताया कि आने वाले समय में भी महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में इसी तरह के नि:शुल्क महाआरोग्य शिविर शिवसेना महाराष्ट्र डॉक्टर सेल द्वारा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लें।
🔚 निष्कर्ष:
इस शिविर ने न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं दीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश की।
“जहाँ ज़रूरत है, वहाँ मनराज प्रतिष्ठान है।”













